अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है। सत्ता, संगठन और गठबंधन—तीनों स्तरों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या NCP की कमान परिवार के हाथ में जाएगी? क्या शरद-अजित की टूटी सियासी डोर फिर जुड़ सकती है? और क्या महायुति में सब कुछ ठीक चल रहा था?
डिप्टी सीएम कौन? NCP का भविष्य क्या? 5 बड़े सवालों के जवाब
इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं आज के एक्सप्लेनर में।
सवाल 1: अजित पवार के बाद NCP की कमान किसे मिलेगी?
जवाब :
अजित पवार के बाद पार्टी में कोई ऐसा नेता फिलहाल नहीं दिखता, जिसे सर्वमान्य उत्तराधिकारी कहा जा सके।
NCP (अजित गुट) के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, शुरुआती तौर पर
जयंत पाटिल
या
सुनील तटकरे
पार्टी की कमान संभाल सकते हैं।
जयंत पाटिल
: 30 साल से ज्यादा का विधायी अनुभव, कई बार मंत्री
सुनील तटकरे
: पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद
सीनियर पत्रकार वरुण सिंह मानते हैं कि छोटे और क्षेत्रीय दलों में नेतृत्व अक्सर परिवार के इर्द-गिर्द सिमट जाता है। ऐसे में
सुनेत्रा पवार
या
पार्थ पवार
भी भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
वही कई लोगो का मानना की पार्टी की कमान अंततः
पवार परिवार के हाथ में ही जाएगी
, क्योंकि संगठन पर उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव सबसे ज्यादा है।
सवाल 2: क्या अजित पवार की जगह परिवार से ही नया डिप्टी सीएम बनेगा?
जवाब :
अजित पवार की जगह उनकी पत्नी
सुनेत्रा पवार
को डिप्टी सीएम बनाया जाना एक मजबूत संभावना मानी जा रही है।
सुनेत्रा पवार राजनीतिक परिवार से आती हैं
वह पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं
2024 में बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं
फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं
हालांकि पार्टी के भीतर संगठनात्मक अस्थिरता के चलते
तुरंत फैसला लेना आसान नहीं होगा
। पहले यह तय किया जाएगा कि पार्टी का नेतृत्व कौन संभालेगा, उसके बाद डिप्टी सीएम पर फैसला होगा।
सवाल 3: क्या अब शरद और अजित गुट का विलय संभव है?
जवाब :
अंदरखाने में यह चर्चा लंबे समय से चल रही थी कि शरद पवार और अजित पवार के गुट फिर एक हो सकते हैं।
सीनियर नेताओं के मुताबिक, दोनों पक्षों में
जिला परिषद चुनाव साथ लड़ने
को लेकर सहमति भी बन चुकी थी।
लेकिन NCP (शरद गुट) के कई नेता—जैसे
सुप्रिया सुले और जितेंद्र आव्हाड
—इस विलय के खिलाफ रहे हैं।
उनका तर्क है कि BJP के साथ गठबंधन NCP की मूल विचारधारा के खिलाफ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर विलय होता भी है तो उसकी शर्त होगी कि
अजित गुट BJP-शिवसेना गठबंधन से अलग हो
।
सवाल 4: अजित पवार के बाद क्या उनकी पार्टी बिखर जाएगी?
जवाब :
अजित पवार केवल नेता नहीं, बल्कि एक
पावर सेंटर
थे।
वे 6 बार डिप्टी सीएम रहे, हर बड़े दल के साथ सत्ता में काम किया और जमीनी राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ थी।
उनके जाने से पार्टी में
नेतृत्व का संकट और टूट-फूट का खतरा
जरूर है।
अगर जल्द स्पष्ट नेतृत्व नहीं मिला, तो विधायकों और नेताओं के इधर-उधर जाने की आशंका बढ़ सकती है।
सवाल 5: क्या BJP और अजित पवार के रिश्ते खराब हो गए थे?
जवाब :
बीते कुछ महीनों में BJP और NCP (अजित गुट) के बीच
स्थानीय चुनावों को लेकर टकराव
जरूर दिखा, खासकर पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में।
सीट शेयरिंग, उम्मीदवार चयन और निकाय चुनावों में अलग-अलग लड़ने को लेकर मतभेद सामने आए थे।
हालांकि दोनों पक्षों ने इसे
रणनीतिक मतभेद
बताया, न कि गठबंधन टूटने की वजह।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह एक तरह की
फ्रेंडली फाइट
थी, न कि खुला टकराव।