Vhuman News / Tue, Jan 27, 2026
किन्नर अखाड़े से महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी को बाहर कर दिया गया है। इस फैसले की पुष्टि अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक वीडियो जारी कर की है।
डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अखाड़े के सभी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। वह न तो अखाड़े की अधिकारी हैं और न ही सदस्य।
उन्होंने कहा,
“हमारे अखाड़े में महिलाएं, पुरुष और किन्नर सभी हैं। हम किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते। मौनी अमावस्या के दिन जिस तरह बटुक ब्राह्मणों को शिखा पकड़कर पीटा गया, उससे हम भी बेहद नाराज़ हैं।”

25 जनवरी (रविवार) को ममता कुलकर्णी, जिन्हें यामाई ममता नंद गिरि के नाम से जाना जाता है, ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है।
ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से दो सवाल भी पूछे थे—
उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया?
करोड़ों की भीड़ में पालकी लेकर निकलने की क्या आवश्यकता थी?
उन्होंने आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरानंद की ज़िद की वजह से उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। उनका कहना था कि गुरु होने का अर्थ जिम्मेदार आचरण होता है, न कि ऐसी जिद जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।

ममता कुलकर्णी को अखाड़े से बाहर किए जाने के तीन घंटे के भीतर सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी उर्फ टीना मां ने भी बड़ा बयान दिया।
टीना मां ने कहा कि वे शुरू से ही ममता कुलकर्णी का विरोध कर रही थीं और अखाड़े में गलत लोगों को शामिल करने से पहले सोचना चाहिए था। उन्होंने साफ़ कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और वे कभी उस अखाड़े में वापस नहीं जाएंगी।
बता दें कि टीना मां ने 3 नवंबर 2025 को नए सनातनी किन्नर अखाड़े की स्थापना की थी और 4 नवंबर को उनका पट्टाभिषेक हुआ था।

राजनीति पर भी उठाए थे सवाल
ममता कुलकर्णी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि क्या वे गोहत्या रोकने का ठोस वचन दे सकते हैं। साथ ही ऋग्वेद का हवाला देते हुए धर्म को राजनीति से दूर रखने की बात कही थी।
IANS से बातचीत में ममता कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि फिलहाल पीएम मोदी के अलावा कोई दूसरा विकल्प नजर नहीं आता और देश सुरक्षित हाथों में है।

ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 1991 में तमिल फिल्म ‘ननबरगल’ से करियर की शुरुआत की। उसी साल उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘मेरा दिल तेरे लिए’ रिलीज हुई।
ममता को 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने क्रांतिवीर, करण अर्जुन, बाजी जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी फिल्म ‘कभी तुम कभी हम’ साल 2002 में रिलीज हुई थी।
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