महाराष्ट्र
के बारामती में 28 जनवरी को हुए भीषण विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री
अजित पवार
की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने बताया है कि क्रैश हुए लियरजेट-45 विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) आग की चपेट में आए थे। हालांकि, एक रिकॉर्डर से डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि दूसरे—कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)—के डेटा को निकालने के लिए अमेरिका स्थित निर्माता देश से तकनीकी सहयोग मांगा गया है।
रोहित पवार का तंज: “ब्लैक बॉक्स आग से बच सकता है, राजनीति से नहीं”
NCP (शरद गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे
रोहित पवार
ने ब्लैक बॉक्स के “जल जाने” के दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों को झेलने में सक्षम होता है, ऐसे में उसका पूरी तरह खाक हो जाना संदेह पैदा करता है।
2 फरवरी को उन्होंने इस हादसे में साजिश की आशंका जताते हुए विशेषज्ञ एजेंसियों से गहन जांच की मांग की थी।
CBI जांच की मांग, CM से मुलाकात
उपमुख्यमंत्री
सुनेत्रा पवार
और NCP नेताओं ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मुलाकात कर CBI जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्थ पवार, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और हसन मुश्रीफ शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से चर्चा करने का भरोसा दिया है।
DGCA और AAIB का बयान
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने स्पष्ट किया कि हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच नियम, 2017 और ICAO Annex-13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत की जा रही है।
डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) से डेटा डाउनलोड हो चुका है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की तकनीकी जांच जारी है।
विशेषज्ञों की मदद से निष्पक्ष और सबूत आधारित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
AAIB ने अपील की है कि जांच पूरी होने तक अटकलों से बचा जाए।
एक्सपर्ट्स बोले- ब्लैक बॉक्स खाक होना नामुमकिन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लैक बॉक्स 1100° डिग्री में 1 घंटे, 260° डिग्री टेम्परेचर 10 घंटे तक झेल सकता है। बारामती में विमान जमीन से कुछ फीट ऊंचाई पर था। आग सीमित थी। बॉक्स का पूरी तरह से जल जाना असंभव है।
हादसा कब और कैसे हुआ?
28 जनवरी की सुबह VSR वेंचर्स कंपनी का लियरजेट-45 विमान मुंबई से सुबह 8:10 बजे रवाना हुआ था। लगभग 8:45 बजे यह बारामती में क्रैश हो गया। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई। वे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे।
ब्लैक बॉक्स हादसे के दूसरे दिन बरामद हुआ।
ब्लैक बॉक्स: जरूरी सवाल-जवाब
1. ब्लैक बॉक्स क्या होता है?
यह विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) होता है, जो उड़ान के दौरान तकनीकी और आवाज से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करता है।
2. क्या यह सच में काला होता है?
नहीं। यह चमकीले नारंगी रंग का होता है ताकि मलबे में आसानी से मिल सके।
3. यह कितना मजबूत होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार:
1100°C तापमान को लगभग 1 घंटे तक सह सकता है।
260°C तापमान को 10 घंटे तक झेल सकता है।
समुद्र में 14,000 फीट गहराई तक सिग्नल भेज सकता है।
4. क्या ब्लैक बॉक्स पूरी तरह जल सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इसे पूरी तरह नष्ट करना बेहद कठिन है। बारामती हादसे में आग सीमित थी, इसलिए “पूरी तरह खाक” होने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
5. पहले ऐसे मामलों में कितना समय लगा?
Sriwijaya Air (2021): 3 दिन में मिला।
Air France 447 (2009): 699 दिन बाद मिला।
Malaysia Airlines 370 (2014): अब तक नहीं मिला।
6. भारत में जांच कहां होती है?
दिल्ली में स्थापित DFDR & CVR लैब में ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालकर उसका विश्लेषण किया जाता है।
निष्कर्ष
बारामती विमान हादसा तकनीकी जांच के साथ-साथ राजनीतिक विवाद का भी केंद्र बन गया है। एक ओर AAIB और DGCA अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत निष्पक्ष जांच की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता और परिजन साजिश की आशंका जता रहे हैं।
अब सबकी नजर CVR डेटा पर टिकी है, जिससे हादसे के असली कारणों का खुलासा हो सकता है।