12 Sep 2026
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19 साल बाद ऐशबाग डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला : विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपी बरी

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लखनऊ: राजधानी लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र स्थित ऐशबाग के चर्चित डबल मर्डर केस में करीब 19 साल बाद मंगलवार को बड़ा फैसला आया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

स्पेशल जज एमपी/एमएलए कोर्ट, लखनऊ के न्यायाधीश हरबंश नारायण ने इस बहुचर्चित मामले में अभय सिंह, रविन्द्र सिंह उर्फ “रज्जु”, अजय प्रताप सिंह उर्फ “अजय सिपाही” और फिरोज अहमद को दोषमुक्त करार दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य और गवाह आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

2007 में हुआ था डबल मर्डर

यह सनसनीखेज वारदात 31 मार्च 2007 को बाजारखाला थाना क्षेत्र के ऐशबाग इलाके में हुई थी। शत्रुघ्न सिंह उर्फ छोटू और जितेंद्र त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

एफआईआर के अनुसार, मृतक के पिता नारदमुनि सिंह ने बताया कि वह ईदगाह के पास हनुमान मंदिर के सामने मौजूद थे, तभी टेंट हाउस की दुकान की ओर से फायरिंग की आवाज आई। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि हमलावर शत्रुघ्न पर गोली चला रहे थे।

जब परिजन और कर्मचारी बचाने पहुंचे, तो हमलावरों ने जितेंद्र त्रिपाठी को भी गोली मार दी और बाइक से फरार हो गए।

2008 में दाखिल हुई चार्जशीट

जांच के दौरान 13 अगस्त 2008 को रविन्द्र उर्फ रज्जु, अजय प्रताप सिंह और फिरोज अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
वहीं विधायक अभय सिंह पर अलग से IPC की धारा 302 और 120B के तहत आरोप पत्र पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के दिन अभय सिंह एक एनएसए केस में जिला कारागार में बंद थे। यह तथ्य बचाव पक्ष के लिए अहम साबित हुआ।

कोर्ट का फैसला

लंबी सुनवाई और गवाहों के परीक्षण के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा।
इसी आधार पर सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

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