Vhuman News / Tue, Apr 14, 2026
उत्तर प्रदेश के नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सोमवार देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी। यह नई दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी।
दरअसल, सोमवार को दिनभर चले बवाल के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद हाईलेवल कमेटी देर रात नोएडा पहुंची और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। बैठक के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिस पर देर रात करीब 1:30 बजे मुहर लगा दी गई।

सरकार ने अपने आदेश में साफ किया कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई थी कि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये कर दिया गया है, लेकिन कंपनियां इसे लागू नहीं कर रहीं। इसी अफवाह के चलते कर्मचारियों में गुस्सा भड़क गया।
फिलहाल, मंगलवार को हालात काबू में हैं। सड़कों पर सन्नाटा है और इंडस्ट्रियल इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
लक्ष्मी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सुबह 5 बजे से RAF, PAC और पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। कुछ जगहों पर मजदूरों की भीड़ जमा हुई थी, जिन्हें समझाकर हटा दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया का बड़ा रोल सामने आया है। करीब 50 X (ट्विटर) हैंडल की पहचान की गई है, जिनके जरिए लोगों को उकसाया गया। इन पर कार्रवाई जारी है।
कैसे भड़की हिंसा?
सोमवार को सबसे पहले नोएडा के फेज-2 इलाके में हालात बिगड़े। कर्मचारियों की मांगों पर सुनवाई न होने से वे उग्र हो गए और पथराव शुरू कर दिया।
इसके बाद प्रदर्शन धीरे-धीरे करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों में फैल गया।
सेक्टर 57: 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़
सेक्टर 40 और 60: कंपनियों का घेराव
सेक्टर 85: डिक्सन कंपनी का गेट तोड़ा गया
सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाइओवर: सड़क जाम
प्रदर्शनकारियों ने 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की, 50 से ज्यादा गाड़ियों में आग लगाई और 150 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

प्रशासन का एक्शन
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए RAF और PAC की तैनाती करनी पड़ी। राजीव कृष्ण और अमिताभ यश ने कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की। डीजीपी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अफवाह फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
नोएडा हिंसा ने एक बार फिर दिखा दिया कि अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। हालांकि, सरकार के त्वरित फैसले और प्रशासन की सख्ती से अब हालात नियंत्रण में हैं।
अब देखना होगा कि बढ़ी हुई सैलरी से कर्मचारियों का गुस्सा शांत होता है या नहीं।
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