28 Jul 2026
Breaking News Exclusive
वेनेजुएला में भूकंप का कहर : 10 हजार लोगो के मारे जाने की आशंका लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड : धुएं में घिरे छात्र, खिड़कियों से लगाई छलांग , रेस्क्यू ऑपरेशन में सामने आईं दिल दहला देने वाली तस्वीरें चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी या सियासी तूफान? : SIT जांच में क्या-क्या आया सामने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : SIT को नहीं मिला सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड, टिन्नू से फिर लंबी पूछताछ क्या भारत का राजनीतिक सिस्टम क्रैश हो चुका है? : लोकतंत्र पर सबसे बड़ा सवाल राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी संग्राम : अखिलेश यादव ने उठाए सवाल अखिलेश यादव का बड़ा दांव! : टिकट चाहिए तो पहले छोड़ो संगठन का पद, 4 नेताओं ने दिया इस्तीफा विश्व पर्यावरण दिवस पर लॉन्च होगी ‘पीपल की छांव में : पीपल बाबा ने साझा किया 48 साल का हरित सफर UP Crime News: सीएम योगी की बड़ी बैठक : डीएम-SP को सख्त निर्देश; कई अधिकारीयों पर जल्द होगा बड़ा एक्शन UP Weather Today: आज बदलेगा मौसम का मिजाज : कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

गंगा एक्सप्रेसवे पोस्टर पर बवाल! : Yogi Adityanath के नाम के आगे ‘श्री’ क्यों नहीं?

Share:

सोशल मीडिया पर आज गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से जुड़ा एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यक्रम का जिक्र है, जिसमें कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।

लेकिन इस पोस्टर की सबसे खास और चर्चा वाली बात यह है कि सभी नेताओं के नाम के आगे ‘श्री’ लगाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नाम के आगे ‘श्री’ नहीं लिखा गया है।यही छोटी सी बात अब बड़ा मुद्दा बन गई है। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे एक साधारण टाइपिंग गलती बता रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे एक सोचा-समझा ‘प्रयोग’ या राजनीतिक संकेत मान रहे हैं।

वही सूबे की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक वीडियो ट्वीट पर पोस्ट किया है जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे के आमंत्रण का वीडियो है. लेकिन वीडियो में जो आमंत्रण पत्र दिखाया गया है उसमें भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम के आगे श्री नहीं लगाया गया है।वही मुजफ्फरनगर विधानसभा से एमएलए कपिल देव अग्रवाल ने भी अपने फेसबुक पेज पर जो पोस्टर अपलोड किया हैं, उसमे भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम के आगे "श्री" नहीं लगा हैं।

पोस्टर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और अन्य नेताओं के नाम के साथ ‘श्री’ स्पष्ट रूप से लिखा गया है, जिससे यह सवाल और भी गहरा हो जाता है कि आखिर योगी आदित्यनाथ के नाम के साथ यह शब्द क्यों नहीं जोड़ा गया।

राजनीतिक गलियारों में भी इस पोस्टर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सिर्फ एक संयोग है या इसके पीछे कोई खास संदेश छिपा है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें