Vhuman News / Fri, Jan 30, 2026
वाराणसी : प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधे सवाल खड़े किए।
शंकराचार्य ने कहा कि माघ मेले के दौरान उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया, जिसे उन्होंने प्रस्तुत किया और वह प्रमाण सही पाए गए। उन्होंने कहा कि अब प्रमाण मांगने का समय निकल चुका है, अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए।
“40 दिन का समय दे रहे हैं, गो-भक्त होने का प्रमाण दीजिए”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,
“हम मुख्यमंत्री को 40 दिन का समय दे रहे हैं। इन 40 दिनों में आप यह प्रमाण दीजिए कि आप गो-भक्त हैं। यदि आप ऐसा नहीं कर पाए, तो समझा जाएगा कि आप नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी हैं। आपने सिर्फ दिखावे के लिए गेरुआ वस्त्र धारण किया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री वास्तव में हिंदू हैं, तो गो-माता को राज्य माता घोषित करें और उत्तर प्रदेश से गोमांस का निर्यात तुरंत बंद करें।
मुख्यमंत्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर भी आरोप
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य मिलकर गोहत्या बंदी की मांग करने वाले संतों पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गोमांस का निर्यात बंद नहीं किया गया, तो मुख्यमंत्री को गैर-हिंदू घोषित किया जाएगा।

शंकराचार्य की बड़ी बातें
अविमुक्तेश्वरानंद ने ऐलान किया कि 10-11 मार्च को लखनऊ में देशभर के संत-महंत और आचार्य एकत्र होंगे। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि कौन सच्चा हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे छद्म या नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए।
नकली हिंदुओं का होगा पर्दाफाश
उन्होंने कहा कि अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश किया जाएगा। हिंदू समाज के साथ बहुत बड़ा छल हो रहा है, जिसे साधु, संत, योगी और भगवाधारी कहने वाले व्यक्ति और उनकी पार्टी अंजाम दे रही है।

माघ मेला छोड़ने पर प्रशासन पर गंभीर आरोप
माघ मेला छोड़ने को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें तरह-तरह के लालच दिए। उन्होंने कहा,
“हमें कहा गया कि आप स्नान कर लीजिए, आपके ऊपर फूल बरसाए जाएंगे। अगले साल चारों शंकराचार्यों के लिए प्रोटोकॉल बना दिया जाएगा, लेकिन हमने इसे ठुकरा दिया।”
उन्होंने कहा कि जिन संन्यासियों पर लाठियां बरसाई गईं, प्रशासन को पहले उनसे माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

“इतिहास में पहली बार शंकराचार्य से मांगा गया प्रमाण”
शंकराचार्य ने कहा कि इतिहास में पहली बार किसी शासक ने किसी शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 40 दिनों में उत्तर प्रदेश में गोमांस की बिक्री और निर्यात बंद नहीं हुआ, तो वे लखनऊ आकर संतों के साथ सरकार की निंदा करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष मौनी अमावस्या पर वे माघ मेले में संगम स्नान अवश्य करेंगे।
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