Vhuman News / Fri, Jan 16, 2026
मेरठ में हुई मुजफ्फरनगर निवासी सोनू उर्फ रोनू कश्यप की हत्या के बाद अब पूरा मुजफ्फरनगर जनपद राजनीतिक अखाड़े में तब्दील होता नजर आ रहा है।
मृतक के परिजनों से मुलाकात को लेकर लगातार अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का जिले में आना-जाना जारी है।
बीते दो दिनों में यह तीसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है।
दो दिन पहले आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस ने रोक दिया था, वहीं कल समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

इसी क्रम में आज गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मृतक सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने मुजफ्फरनगर आ रहे थे।
हालांकि, मुजफ्फरनगर पुलिस ने उन्हें मेरठ–मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस दौरान अजय राय को भगेला चौकी पर पुलिस ने बैठा लिया।
बाद में पुलिस की मौजूदगी में अजय राय की मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत कराई गई, जिसके बाद वे मेरठ वापस लौट गए।
स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन जबरदस्ती उन्हें रोके हुए है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीएनएस की किसी धारा का हवाला देकर उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा, जबकि वे अकेले अपनी गाड़ी से या फिर पुलिस वाहन से भी जाने को तैयार थे।
अजय राय ने कहा कि सरकार इस घटना को दबाना चाहती है। उनका आरोप है कि जिस तरह से बच्चे को जिंदा जलाकर मारा गया, उसे छुपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस पर सड़क पर खुलेआम गुंडागर्दी करने और प्रशासन पर अपनी कमियां छुपाने का आरोप लगाया।

अजय राय ने यह भी कहा कि योगी सरकार में लगातार अपराध हो रहे हैं और गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के नेताओं के माध्यम से मृतक सोनू कश्यप की बहन मीरा से उनकी फोन पर बातचीत हुई है।
परिजनों की ओर से उच्चस्तरीय जांच, 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सरकारी नौकरी और पूरे परिवार की सुरक्षा की मांग रखी गई है।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और इन मांगों को लेकर सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
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