Vhuman News / Sat, Apr 4, 2026
भारत के दिग्गज ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने अपने करियर के आखिरी दौर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें अपने करियर की स्थिति के बारे में साफ जानकारी टीम मैनेजमेंट से नहीं, बल्कि Mahendra Singh Dhoni से मिली थी।
धोनी ने बताया था सच्चाई
युवराज सिंह ने बताया कि जब वे टीम में लगातार अंदर-बाहर हो रहे थे, तब उन्हें किसी से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। ऐसे में उन्होंने खुद धोनी को फोन किया। धोनी ने उन्हें साफ शब्दों में बताया कि चयनकर्ता अब भविष्य की ओर देख रहे हैं और वे उनकी योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं।
युवराज ने कहा कि धोनी की इस ईमानदार बातचीत से उन्हें वह स्पष्टता मिली, जो टीम मैनेजमेंट नहीं दे पा रहा था।
मैनेजमेंट से नहीं मिला सपोर्ट
युवराज ने यह भी खुलासा किया कि उस समय न तो National Cricket Academy, न ही कप्तान Virat Kohli और न ही कोच Ravi Shastri ने उनसे सीधे बात की।
उन्होंने कहा,
“मैंने देश के लिए इतना क्रिकेट खेला, कम से कम साफ बात और सम्मान तो मिलना चाहिए था, लेकिन मुझे कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया गया।”
फिटनेस के नाम पर दबाव?
युवराज सिंह ने आरोप लगाया कि मैनेजमेंट ने उन्हें संन्यास लेने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया। उन्हें कहा गया कि वे यो-यो टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्हें रिटायरमेंट पर विचार करना चाहिए।
हालांकि, युवराज ने साफ कहा कि रिटायरमेंट लेना उनका व्यक्तिगत फैसला होगा, न कि किसी के दबाव में लिया गया निर्णय।
कमेंट्री से दूरी की वजह
युवराज सिंह ने यह भी बताया कि वे कमेंट्री से दूरी क्यों बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि वे उन लोगों के साथ काम नहीं करना चाहते, जिन्होंने उनके बारे में निजी टिप्पणियां की थीं।
शानदार करियर और उपलब्धियां
युवराज सिंह का अंतरराष्ट्रीय करियर 2000 में शुरू हुआ और 10 जून 2019 को उन्होंने संन्यास लिया।
उन्होंने भारत के लिए:
304 वनडे
58 टी-20
40 टेस्ट मैच खेले
और कुल मिलाकर 11,000 से ज्यादा रन बनाए।
वे ICC T20 World Cup 2007 और ICC Cricket World Cup 2011 जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।
2011 वर्ल्ड कप के हीरो
2011 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता।
उन्होंने:
362 रन बनाए
15 विकेट लिए
4 बार प्लेयर ऑफ द मैच बने
6 छक्कों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
टी-20 वर्ल्ड कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ युवराज सिंह ने एक ओवर में 6 छक्के लगाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने उसी मैच में सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक जड़कर रिकॉर्ड बनाया, जो आज भी भारत के लिए सबसे तेज टी-20 फिफ्टी है।

कैंसर से जंग और वापसी
2011 वर्ल्ड कप के बाद युवराज को कैंसर का पता चला। इलाज के बाद उन्होंने 2012 में टीम इंडिया में वापसी की, लेकिन पहले जैसा प्रदर्शन दोहराना उनके लिए मुश्किल रहेगा।
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