Vhuman News / Mon, Apr 13, 2026
जयपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर रामपुरा कस्बे में शुरू हुई एक साधारण सी कहानी आज क्रिकेट की दुनिया में मिसाल बन चुकी है।
अक्षय और अशोक—दो भाई, जो घर के आंगन में क्रिकेट खेलते थे। कभी गेंद छाती पर लगती, कभी सिर पर। यही छोटी-छोटी नोकझोंक अशोक के अंदर एक तेज गेंदबाज बनने का जुनून भर रही थी।
संघर्ष भरा बचपन
अशोक शर्मा का परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पिता खेती के साथ-साथ अखबार बेचकर महीने के लगभग 10,000 रुपए ही कमा पाते थे।
इतनी सीमित आय में दोनों बेटों को क्रिकेट एकेडमी भेजना संभव नहीं था। ऐसे में बड़े भाई ने त्याग करते हुए कहा—
“तू खेल, मैं नहीं।”
यहीं से अशोक के सपनों को पंख मिले।
कोच का साथ और बड़ा झटका
अशोक ने जयपुर की अरावली क्रिकेट एकेडमी जॉइन की, जहां कोच विवेक यादव ने उसकी प्रतिभा को निखारा।
लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान कोच का निधन हो गया। यह अशोक के लिए बहुत बड़ा झटका था।
उसने क्रिकेट छोड़ दिया
खेतों में पिता का हाथ बंटाने लगा
वापसी जिसने सब बदल दिया
कुछ समय बाद अशोक ने फिर से क्रिकेट में वापसी की। मेहनत, लगन और जुनून के दम पर उसने अपनी गेंदबाजी को और धारदार बनाया और फिर आया वो पल जिसने सबको चौंका दिया
IPL में रचा इतिहास
Indian Premier League के इस सीजन में अशोक शर्मा ने
154.2 Kmph की रफ्तार से गेंद फेंककर
पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया
यह इस सीजन की सबसे तेज गेंद मानी जा रही है।
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