13 Sep 2026
Breaking News Exclusive
वेनेजुएला में भूकंप का कहर : 10 हजार लोगो के मारे जाने की आशंका लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड : धुएं में घिरे छात्र, खिड़कियों से लगाई छलांग , रेस्क्यू ऑपरेशन में सामने आईं दिल दहला देने वाली तस्वीरें चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी या सियासी तूफान? : SIT जांच में क्या-क्या आया सामने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : SIT को नहीं मिला सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड, टिन्नू से फिर लंबी पूछताछ क्या भारत का राजनीतिक सिस्टम क्रैश हो चुका है? : लोकतंत्र पर सबसे बड़ा सवाल राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी संग्राम : अखिलेश यादव ने उठाए सवाल अखिलेश यादव का बड़ा दांव! : टिकट चाहिए तो पहले छोड़ो संगठन का पद, 4 नेताओं ने दिया इस्तीफा विश्व पर्यावरण दिवस पर लॉन्च होगी ‘पीपल की छांव में : पीपल बाबा ने साझा किया 48 साल का हरित सफर UP Crime News: सीएम योगी की बड़ी बैठक : डीएम-SP को सख्त निर्देश; कई अधिकारीयों पर जल्द होगा बड़ा एक्शन UP Weather Today: आज बदलेगा मौसम का मिजाज : कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

एआर रहमान के बयान पर सियासी घमासान : अखिलेश का समर्थन, BJP ने उठाए सवाल

Vhuman News / Sat, Jan 17, 2026

Share:

मुंबई : प्रसिद्ध संगीतकार और ऑस्कर विजेता एआर रहमान के हालिया इंटरव्यू के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उन्हें बॉलीवुड में पहले के मुकाबले कम काम मिला है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि सत्ता में बदलाव का असर रचनात्मक माहौल पर सकारात्मक नहीं रहा।

रहमान के इस बयान के सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है। जहां विपक्षी दलों ने उनके बयान को गंभीर बताते हुए समर्थन किया है, वहीं सत्ताधारी दल के नेताओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

अखिलेश यादव का समर्थन

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एआर रहमान के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि वह हमेशा से उनके बड़े प्रशंसक रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि “एआर रहमान के गाने रिलीज से पहले ही म्यूजिक चार्ट में टॉप पर पहुंच जाया करते थे। वह देश ही नहीं, दुनिया के बड़े कलाकार हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “कला, संगीत और संस्कृति को धर्म या भेदभाव के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।”

BJP की प्रतिक्रिया

वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जयसवाल ने रहमान के बयान को नकारते हुए कहा कि “कुछ लोगों के दिमाग में बेवजह हिंदू-मुस्लिम की बातें घूमती रहती हैं।”
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है और सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की नीति पर काम कर रही है।

कांग्रेस ने बताया गंभीर मुद्दा

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताया।
उन्होंने कहा कि “अगर एक ऑस्कर विजेता कलाकार यह कह रहा है कि उसे काम नहीं मिल रहा, तो यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।”
इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि अगर किसी कलाकार को उसके धर्म की वजह से काम से वंचित किया जा रहा है, तो यह लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए खतरनाक संकेत है।

🔍 बड़ा सवाल

अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई देश में रचनात्मक आज़ादी प्रभावित हो रही है?
या फिर एआर रहमान का बयान राजनीतिक रंग ले रहा है?
फिलहाल, यह मुद्दा कला, संस्कृति और राजनीति के बीच एक नई बहस को जन्म दे चुका है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें