11 Sep 2026
Breaking News Exclusive
वेनेजुएला में भूकंप का कहर : 10 हजार लोगो के मारे जाने की आशंका लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड : धुएं में घिरे छात्र, खिड़कियों से लगाई छलांग , रेस्क्यू ऑपरेशन में सामने आईं दिल दहला देने वाली तस्वीरें चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी या सियासी तूफान? : SIT जांच में क्या-क्या आया सामने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : SIT को नहीं मिला सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड, टिन्नू से फिर लंबी पूछताछ क्या भारत का राजनीतिक सिस्टम क्रैश हो चुका है? : लोकतंत्र पर सबसे बड़ा सवाल राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी संग्राम : अखिलेश यादव ने उठाए सवाल अखिलेश यादव का बड़ा दांव! : टिकट चाहिए तो पहले छोड़ो संगठन का पद, 4 नेताओं ने दिया इस्तीफा विश्व पर्यावरण दिवस पर लॉन्च होगी ‘पीपल की छांव में : पीपल बाबा ने साझा किया 48 साल का हरित सफर UP Crime News: सीएम योगी की बड़ी बैठक : डीएम-SP को सख्त निर्देश; कई अधिकारीयों पर जल्द होगा बड़ा एक्शन UP Weather Today: आज बदलेगा मौसम का मिजाज : कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

बजट 2026 के बाद सस्ता हो सकता है सोना-चांदी : निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

Share:

1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले आम बजट के बाद सोना और चांदी सस्ती हो सकती है।

सरकार सोना-चांदी पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से घटाकर 4% करने पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोना प्रति 10 ग्राम करीब ₹3,000 और चांदी प्रति किलो ₹6,000 तक सस्ती हो सकती है।

मौजूदा कीमतें (जनवरी 2026)

  • 24 कैरेट सोना: ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम

  • चांदी: ₹2.93 लाख प्रति किलो

2025 में रिकॉर्ड तेजी

  • सोना: 75% की बढ़त

  • चांदी: 167% की बढ़त

सोना-चांदी क्यों हुए इतने महंगे? 5 बड़ी वजहें

1️⃣ जंग और वैश्विक अनिश्चितता

ट्रेड वॉर और जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ने से निवेशकों ने सोने को सेफ हेवन एसेट माना।
जेपी मॉर्गन के मुताबिक, अनिश्चितता कीमतों का सबसे बड़ा ड्राइवर रही।

2️⃣ कमजोर अमेरिकी डॉलर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती से डॉलर कमजोर हुआ।
चूंकि सोना-चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, इसलिए कीमतों में उछाल आया।

3️⃣ केंद्रीय बैंकों की भारी खरीद

  • दिसंबर 2025 तक वैश्विक गोल्ड रिज़र्व: 32,140 टन

  • 2022: 1,082 टन

  • 2023: 1,037 टन

  • 2024: रिकॉर्ड 1,180 टन

  • 2025 में भी 1,000 टन से ज्यादा खरीद का अनुमान

4️⃣ चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड

चांदी का 50% से ज्यादा इस्तेमाल:

  • सोलर पैनल

  • EV बैटरियां

  • सेमीकंडक्टर्स

5️⃣ सप्लाई में कमी

माइनिंग से सप्लाई सीमित रही, जबकि मांग लगातार बढ़ती गई, जिससे कीमतें और चढ़ीं।बजट से पहले या बाद—कब करें निवेश?

क्सपर्ट्स की राय

आनंद राठी शेयर्स के कमोडिटी डायरेक्टर नवीन माथुर कहते हैं—

“तेजी के पीछे भागने की बजाय गिरावट पर खरीदारी करें।
बजट से पहले और बाद, दोनों समय छोटी-छोटी किस्तों में निवेश बेहतर है।”

मोतीलाल ओसवाल के रिसर्च हेड नवनीत दमानी के मुताबिक—

“2026 की पहली तिमाही में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है।
जब भी कीमतों में ठीक-ठाक गिरावट आए, उसे निवेश का मौका मानें।”

सोना-चांदी में निवेश के 2 स्मार्ट तरीके

1️⃣ फिजिकल गोल्ड-सिल्वर

  • भरोसेमंद ज्वेलर या बैंक से खरीद

  • निवेश के लिए 24 कैरेट सोना बेहतर

  • चोरी और लॉकर किराए का खर्च

2️⃣ गोल्ड-सिल्वर ETF

  • डीमैट अकाउंट जरूरी

  • 100% शुद्धता की गारंटी

  • कोई स्टोरेज या चोरी का जोखिम नहीं

जरूरी सवाल–जवाब

सरकार ड्यूटी क्यों घटा सकती है?

  • स्मगलिंग रोकने के लिए

  • फिलहाल 6% इम्पोर्ट ड्यूटी + 3% GST = 9% टैक्स

  • तस्कर इसी टैक्स से बचकर प्रति किलो सोने पर ₹11.5 लाख तक कमा रहे हैं

  • जुलाई 2024 में ड्यूटी 15% से 6% करने पर डिमांड 10% बढ़ी थी

  • ज्वेलरी एक्सपोर्ट और EV-सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा फायदा

ड्यूटी घटने से इंडस्ट्री पर क्या असर?

केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया के मुताबिक—

“बजट को बड़ा इवेंट मानकर एक साथ निवेश करना सही नहीं। SIP जैसा तरीका बेहतर है।”

ICRA की किंजल शाह कहती हैं—

“ड्यूटी कट का असर अस्थायी होता है।
लंबी अवधि में कीमतें अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड से ही तय होती हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें