साऊथ : तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले का विक्रवंडी। सड़कों पर इंसानों का समंदर। गाड़ियों की इतनी लंबी कतारें कि ट्रैफिक जाम से बचने के लिए प्रशासन को टोल प्लाजा तक फ्री कराने पड़े।
ये कोई फिल्म शूट नहीं था,ये था साउथ फिल्मों के सुपरस्टार थलापति विजय की राजनीति में एंट्री का पहला सीन।
राजनीतिक पार्टी बनाने के बाद विजय की ये पहली रैली थी। लाखों लोग पहुंचे। तेज धूप में लोग कुर्सियां सिर पर रखकर बैठे रहे, लेकिन जगह नहीं छोड़ी।
जिस तरह फिल्मों में विजय की एंट्री तालियों और सीटीयों से होती है,
उसी अंदाज़ में उनकी पॉलिटिक्स में एंट्री हो गई।

तमिलनाडु में अप्रैल–मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन चुनाव से पहले ही विजय ने ऐसा सियासी झटका दिया है कि CM एमके स्टालिन की DMK और कांग्रेस का गठबंधन डगमगाने लगा है।
कांग्रेस ने DMK से 40 सीटों की मांग रखी है।
DMK सिर्फ 25–30 सीटें देने को तैयार है।
इसी नाराज़गी के बीच कांग्रेस का एक धड़ा
विजय की पार्टी – तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ जाने की वकालत कर रहा है।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं—
अगर कांग्रेस और विजय साथ आए,
तो सबसे बड़ा नुकसान DMK को होगा।

इस पूरे घटनाक्रम में BJP भी पीछे नहीं है।
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने
विजय को साथ मिलकर चुनाव लड़ने का खुला ऑफर दिया है।
दोनों ही स्थितियों में—चाहे विजय कांग्रेस के साथ जाएं या BJP के साथ,फायदा सीधे BJP को हो सकता है।
पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ 4 सीटें जीतने वाली BJP,इस बार 24 सीटों तक बढ़त बना सकती है।

विजय की आने वाली फिल्म है — ‘जन नायगन’,
मतलब — जन नेता।
सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ डायलॉग्स पर आपत्ति जताई और सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि डायलॉग्स में पॉलिटिकल कमेंट्स हैं, जो विवाद खड़ा कर सकते हैं।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। खास बात ये है कि ‘जन नायगन’ विजय की आखिरी फिल्म होगी। इसके बाद वे पूरी तरह राजनीति पर फोकस करेंगे।

13 जनवरी 2026,
राहुल गांधी तमिलनाडु दौरे पर थे।
इसी दौरान उन्होंने X पर लिखा—
“फिल्म ‘जन नायगन’ को रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है।
मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे।”

राहुल का ये बयान ऐसे वक्त आया है जब कांग्रेस और DMK के बीच सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी चल रही है।त मिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में कांग्रेस 40 सीटें मांग रही है,वही DMK 25–30 से आगे जाने को तैयार नहीं।
इससे नाराज़ तमिल कांग्रेस नेता विजय की TVK के साथ गठबंधन की बात कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि
राहुल का विजय की फिल्म का समर्थन करना,
कांग्रेस–DMK गठबंधन में पहली बड़ी दरार है।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट जॉन जे. केनेडी कहते हैं—
“पिछले 50 सालों में द्रविड़ राजनीति ने
राष्ट्रीय पार्टियों को तमिलनाडु में हाशिये पर रखा है।
BJP और कांग्रेस—दोनों को यहां
DMK या AIADMK का सहारा लेना पड़ा।”
2021 विधानसभा चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 18 सीटें मिलीं—वो भी DMK के कोर वोटर्स की वजह से। कांग्रेस के पास न मजबूत कैडर है,न ऐसी विचारधारा जो तमिल वोटर्स को जोड़ सके। इसीलिए DMK ज्यादा सीटें देने से बच रही है।
1️⃣ विजय का भरोसा जीतना
2️⃣ DMK को संदेश देना कि कांग्रेस के पास विकल्प हैं
3️⃣ BJP को तमिल संस्कृति का विरोधी बताकर घेरना
फिलहाल कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में है,
लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं है।
2021 में DMK ने सहयोगियों के बिना ही सरकार बनाई थी।

अब सवाल यही है—
क्या थलापति विजय तमिलनाडु की राजनीति के गेमचेंजर बनेंगे?
या फिर उनकी एंट्री से सबसे बड़ा फायदा BJP को मिलेगा।
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