अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार, 31 मार्च को सोने की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। हालांकि, इसके बावजूद यह कीमती धातु पिछले 17 साल के अपने सबसे खराब मासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1.5% बढ़कर 4,578.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.2% चढ़कर 4,611.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते नजर आए।
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर में कमजोरी के चलते सोने को कुछ सपोर्ट मिला है। डॉलर कमजोर होने से अन्य करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावनाओं ने भी बाजार में थोड़ा भरोसा लौटाया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान ने बाजार में “रिस्क-ऑन” माहौल को बढ़ावा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने संकेत दिया है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला न हो। इस खबर के बाद निवेशकों में थोड़ी राहत देखी गई।
इसके बावजूद सोने की कीमतों में इस महीने अब तक 13% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है। हालांकि तिमाही आधार पर सोना अभी भी करीब 5% की बढ़त में बना हुआ है। सोने में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। अब बाजार मान चुका है कि इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावना लगभग खत्म हो गई है।

फेड चेयरमैन Jerome Powell ने भी साफ संकेत दिया है कि केंद्रीय बैंक जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगा और पहले वैश्विक हालात, खासकर ईरान से जुड़े तनाव और महंगाई पर उनके असर का मूल्यांकन करेगा।
कुल मिलाकर, सोने में आई यह हल्की तेजी फिलहाल राहत जरूर दे रही है, लेकिन बड़े ट्रेंड में कमजोरी बनी हुई है। निवेशकों को आने वाले समय में ब्याज दरों और वैश्विक तनाव पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
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