मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका की युद्धविराम कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रम्प प्रशासन के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका अब “खुद से ही बातचीत” कर रहा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका द्वारा भेजे गए युद्धविराम प्रस्ताव का न सिर्फ विरोध किया है, बल्कि उसका खुलकर मजाक भी उड़ाया है।

ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफघारी ने बुधवार को सरकारी टीवी पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में अमेरिका पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा,"अमेरिका जिस ताकत की बात करता था, वह अब नाकामी में बदल चुकी है। अगर आपके पास सच में ताकत होती, तो आप अब तक इस स्थिति से बाहर निकल चुके होते। अपनी हार को समझौते का नाम देना बंद कीजिए।"

ईरानी प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका की हालत ऐसी हो गई है कि वह अब “खुद से ही बातचीत” कर रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रम्प प्रशासन ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
जोलफघारी ने दो टूक कहा,"हमारा रुख पहले दिन से साफ है और आगे भी रहेगा। हम आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे—न पहले किया है, न आगे करेंगे।"

ईरान के इस कड़े रुख से साफ है कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती बयानबाजी यह संकेत दे रही है कि फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम की संभावना बेहद कम है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात और बिगड़ सकते हैं।
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