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तेलंगाना निकाय चुनाव: कांग्रेस की बड़ी बढ़त : 83 नगरपालिकाओं और 5 नगर निगमों में जीत की ओर, BJP ने करीमनगर-निजामाबाद में चौंकाया

Vhuman News / Sat, Feb 14, 2026

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हैदराबाद: सत्ता में वापसी के दो साल बाद कांग्रेस ने तेलंगाना के शहरी राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। 11 फरवरी को हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस 116 नगरपालिकाओं में से कम से कम 83 और सात नगर निगमों में से पांच में बढ़त या जीत की स्थिति में है।

कांग्रेस ने Mancherial, Ramagundam और Nalgonda नगर निगमों में बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं 60 सदस्यीय परिषद में 29 सीटों के साथ Mahabubnagar में भी पार्टी बीआरएस से सीट छीनने के करीब है। सहयोगी Communist Party of India (सीपीआई) के समर्थन से Kothagudem में भी कांग्रेस की स्थिति मजबूत बताई जा रही है।

कांग्रेस का बढ़ता ग्राफ

123 शहरी स्थानीय निकायों के 2,996 वार्डों में से कांग्रेस को 1,537 सीटें मिली हैं। यह 2020 के चुनावों के मुकाबले बड़ी छलांग है, जब पार्टी को सिर्फ 569 सीटें मिली थीं। दिसंबर 2025 के ग्रामीण चुनावों में भी कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अधिकांश पंचायतों में जीत दर्ज की थी।

मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने इन नतीजों को राज्य सरकार के पिछले दो वर्षों के विकास और कल्याणकारी एजेंडे की पुष्टि बताया। उन्होंने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह जनादेश सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ाता है।

किसका ग्राफ ऊपर, किसका नीचे?

बीआरएस ने 2020 में 1,686 वार्ड जीते थे, लेकिन इस बार उसे केवल 781 वार्डों में सफलता मिली है। हालांकि पार्टी ने 15 नगरपालिकाओं पर कब्जा बरकरार रखा है।

भाजपा ने पिछली बार के 293 वार्डों के मुकाबले इस बार 335 वार्ड जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है।

वहीं All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) को 70 सीटें मिलीं, जो पिछली बार के 87 सीटों से कम हैं।

करीमनगर और निजामाबाद में भाजपा की बढ़त

Karimnagar और Nizamabad नगर निगमों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 16 फरवरी को नगर निगम अध्यक्ष और महापौर पदों के चुनाव होने हैं, जहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।

कोथागुडेम में कांग्रेस और सीपीआई ने 22-22 सीटें जीती हैं। यहां महापौर पद को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है।

कई जगह त्रिशंकु परिषद

कई शहरी निकायों में स्पष्ट बहुमत न मिलने से राजनीतिक जोड़-तोड़ की स्थिति बनी हुई है। दलबदल और पार्षदों को अपने पक्ष में करने के आरोप भी सामने आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी मतदाताओं ने कांग्रेस को बढ़त दी है, लेकिन बीआरएस और भाजपा ने भी कई इलाकों में कड़ी टक्कर दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये नतीजे दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाते हैं, हालांकि राज्य स्तरीय सत्ता समीकरणों में बड़ा बदलाव फिलहाल नहीं दिखता।

ओवैसी की पार्टी का प्रदर्शन

Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM ने 68 वार्डों में जीत दर्ज की है और Bhainsa नगरपालिका में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। निजामाबाद निगम में भी पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

हालांकि Greater Hyderabad Municipal Corporation (GHMC), ओआरआर कोर शहरी क्षेत्र के दो अन्य नगर निगमों, तथा खम्मम और वारंगल में इस चरण में चुनाव नहीं हुए।

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