Vhuman News / Wed, Apr 15, 2026
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार दोपहर हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
हादसा इतना भयानक था कि 4 मजदूरों की मौके पर ही जान चली गई। वहीं 6 ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 ने रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घायलों में से 18 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है, जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान का काम अभी जारी है। अब तक ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और यूपी के बृजेश कुमार की पहचान हो पाई है। कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे पहचान में दिक्कत आ रही है।
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि कई मजदूर अभी भी लापता हैं और उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है।
इस पूरे मामले में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपये दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल 36 लोगों में से 12 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि बाकी बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड से हैं। फिलहाल पूरे इलाके में मातम पसरा है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
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