Vhuman News / Fri, Jan 16, 2026
दिल्ली/ब्रुसेल्स : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बड़ा झटका लगा है। बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर उसकी अपील को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही भारत लाने की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है।

सूत्रों के मुताबिक, मेहुल चोकसी ने स्वास्थ्य कारणों और कानूनी आधारों पर बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत में अपील दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उसके सभी तर्कों को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब भारतीय जांच एजेंसियों के लिए चोकसी के प्रत्यर्पण की राह काफी हद तक साफ मानी जा रही है।
भारत सरकार और एजेंसियों को बड़ी सफलता
भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई लंबे समय से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हुई हैं। बेल्जियम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भारत के लिए एक बड़ी कानूनी जीत** के रूप में देखा जा रहा है।
PNB घोटाले का मुख्य आरोपी
मेहुल चोकसी पर अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर **करीब 13,000 करोड़ रुपये के PNB घोटाले** को अंजाम देने का आरोप है। साल 2018 में मामला सामने आने से पहले ही वह भारत छोड़कर फरार हो गया था।

आगे क्या?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब बेल्जियम की निचली अदालतों और प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए चोकसी को भारत सौंपे जाने की कार्रवाई तेज हो सकती है। यदि कोई नया कानूनी पेंच नहीं फंसता, तो आने वाले समय में उसे भारत लाया जा सकता है।
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