नई दिल्ली: अमेरिका की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। Donald Trump की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। ईस्टर के मौके पर ट्रंप ने Iran को लेकर तीखी और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे टकराव के संकेत साफ नजर आए।
इस बयान के सामने आते ही Washington, D.C. में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विपक्षी Democratic Party ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया, वहीं Republican Party के कुछ नेताओं ने भी इस पर असहजता जताई।
अब इस विवाद के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है—अगर किसी राष्ट्रपति का व्यवहार अस्थिर या विवादित लगे, तो क्या उसे पद से हटाया जा सकता है?
क्या है 25वां संशोधन?
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन साल 1967 में लागू हुआ था। इसकी जरूरत तब महसूस हुई जब John F. Kennedy की हत्या के बाद सत्ता के ट्रांसफर को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी असामान्य स्थिति—जैसे मौत, इस्तीफा या अक्षमता—में सत्ता का खालीपन न रहे। ऐसे हालात में उपराष्ट्रपति सीधे राष्ट्रपति का पद संभाल लेते हैं।
सेक्शन-4 क्यों है सबसे खास?
25वें संशोधन का सबसे चर्चित हिस्सा है सेक्शन-4। इसके तहत अगर राष्ट्रपति को ‘अक्षम’ माना जाता है, तो उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के सदस्य मिलकर उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
हालांकि, यह प्रक्रिया आसान नहीं है और इसमें कई संवैधानिक चरण शामिल होते हैं। यही वजह है कि अब तक इसका इस्तेमाल बेहद दुर्लभ रहा है।
क्या ट्रंप पर लागू हो सकता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ विवादित बयान या राजनीतिक असहमति के आधार पर 25वें संशोधन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए ठोस प्रमाण चाहिए कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में सक्षम नहीं हैं।
फिलहाल ट्रंप के बयान ने बहस जरूर छेड़ दी है, लेकिन इसे लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के संकेत नहीं हैं।
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