Vhuman News / Tue, May 5, 2026
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते विरोध और विवाद के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के करीब 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए प्रीपेड सिस्टम पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
अब प्रदेश में लगे सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। यानी उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा, और पहले रिचार्ज कराने की अनिवार्यता खत्म हो गई है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों और तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है।
क्या बदला अब?
सरकार के नए फैसले के बाद बिजली उपभोक्ताओं को कई बड़ी राहतें मिली हैं:
अब स्मार्ट मीटर पूरी तरह पोस्टपेड मोड में चलेंगे
हर महीने नियमित बिल जारी होगा
बिल SMS और WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा
बकाया बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा
एक महीने के भीतर बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा
पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित
क्यों हटाना पड़ा प्रीपेड सिस्टम?
पिछले कुछ महीनों से प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार विरोध हो रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि:
मीटर तेज चल रहे हैं
कम खपत पर भी ज्यादा बिल आ रहा है
बिना उपयोग के भी बैलेंस कम हो जाता है
बैलेंस माइनस होते ही बिजली कट जाती है
रिचार्ज के बाद भी सप्लाई तुरंत बहाल नहीं होती
इन समस्याओं के चलते लोगों का गुस्सा बढ़ता गया।
कई शहरों में विरोध प्रदर्शन
आगरा, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर और वाराणसी जैसे शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाओं ने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर फेंक दिए।
लखनऊ में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस के साथ झड़प की स्थिति बन गई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सरकार का रुख
ऊर्जा मंत्री ने साफ कहा कि:
"उपभोक्ता देवो भवः — सरकार उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने देगी।"
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
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