27 Jul 2026
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2029 लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव! : 850 सीटों का प्रस्ताव, 33% महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी

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देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संसद की तस्वीर बदलने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार लोकसभा की कुल सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव लाई है। इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी।
इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देना है, जिसे 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है।

सरकार ने इसके लिए संविधान संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मंगलवार को सांसदों को संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन संशोधन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल 2026 का ड्राफ्ट भेजा गया है। माना जा रहा है कि 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में यह विधेयक पेश किया जा सकता है।

इस प्रस्ताव में एक अहम बदलाव जनसंख्या की परिभाषा को लेकर भी है। सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर सीटों का पुनर्निर्धारण करने की तैयारी में है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर महिला आरक्षण देना है, तो मौजूदा 543 सीटों में भी इसे लागू किया जा सकता है। सीटों की संख्या बढ़ाने से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा मिलेगा।

वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि सीटों का अनुपात बढ़ाने से दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत कमजोर हो सकती है और महिलाओं, SC और ST समुदायों को नुकसान हो सकता है।

अगर प्रस्ताव लागू होता है, तो कई राज्यों में सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है, जहां सीटें 80 से बढ़कर 120 तक पहुंच सकती हैं। महाराष्ट्र में 48 से बढ़कर 72 सीटें हो सकती हैं, जिनमें 24 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

बिहार में सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 तक जा सकती है, जिसमें करीब 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। मध्य प्रदेश में 15, तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 महिला सीटें होने का अनुमान है। झारखंड में भी 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।

अब सबकी नजर संसद के विशेष सत्र पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि देश की राजनीति में यह ऐतिहासिक बदलाव कब और कैसे लागू होगा।Women Reservation Bill 2026

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