Vhuman News / Mon, Apr 13, 2026
देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को आगे बढ़ाने और लागू करने पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
पीएम मोदी ने कहा कि देश में महिलाओं के लिए दशकों से आरक्षण की मांग हो रही थी और अब इसका इंतजार खत्म होने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा और संसद तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगा।
उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जन्म से लेकर जीवन के हर पड़ाव तक महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं।
महिलाओं के लिए सरकार की प्रमुख योजनाएं
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
सुकन्या समृद्धि योजना
मिशन इंद्रधनुष
स्वच्छ भारत अभियान
उज्ज्वला योजना
आयुष्मान भारत योजना
पीएम ने कहा कि इन योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ देश की महिलाओं और बेटियों को मिला है।
3 करोड़ महिलाएं बनीं घर की मालिक
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार की योजनाओं के जरिए 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को घर का मालिकाना हक मिला है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है।
40 साल का इंतजार खत्म होने की ओर
महिला आरक्षण को लेकर पिछले करीब 40 साल से चर्चा चल रही थी। पीएम मोदी ने कहा कि इसमें सभी राजनीतिक दलों और कई पीढ़ियों का योगदान रहा है।
2029 तक लागू करने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि इस कानून को 2029 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाए। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है
इस बिल के लागू होने के साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने की योजना है। यह नई जनगणना और परिसीमन के आधार पर तय होगा।
2 बड़े संशोधनों की तैयारी
सरकार इस अधिनियम में दो बड़े संशोधन लाने की योजना बना रही है, जिसमें परिसीमन विधेयक भी शामिल है।
हालांकि, OBC आरक्षण को लेकर फिलहाल कोई नया प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि SC/ST आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा।
महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार का यह कदम देश की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। अगर यह कानून पूरी तरह लागू होता है, तो आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ेगी।
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