Vhuman News / Tue, Apr 14, 2026
लखनऊ में आज अंबेडकर जयंती के मौके पर सियासत अपने चरम पर नजर आई। Akhilesh Yadav ने राजधानी के हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर पहुंचकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी, लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उनके गले में पड़े नीले गमछे की रही।
सुबह करीब 10 बजे सपा विधायक और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे अखिलेश ने B. R. Ambedkar की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी बैंड-बाजे के साथ पहुंचे और “जय भीम, जय भारत” के नारों से माहौल गूंज उठा।
इसी मौके पर Ajay Rai ने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अंबेडकर प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे साफ दिखा कि अंबेडकर जयंती पर हर दल अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटा है।
वहीं, बसपा सुप्रीमो Mayawati ने सुबह अपने लखनऊ स्थित आवास पर बाबा साहब को नमन करते हुए सत्ताधारी पार्टियों पर बड़ा हमला बोला।उन्होंने कहा कि अगर बाबा साहब के संविधान को सही तरीके से लागू किया गया होता, तो देश आज कहीं ज्यादा विकसित और आत्मनिर्भर होता।
मायावती ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों, शोषितों, महिलाओं और बहुजन समाज को सम्मान दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
इस बीच अखिलेश यादव ने नोएडा हिंसा को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सरकार की नाकामी है और इंटेलिजेंस फेलियर का मामला है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया।
यहीं नहीं, अखिलेश ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “इतना बड़ा झूठ बोलने वाला कोई संत नहीं हुआ… ये नकली संत हैं और संविधान से इनका कोई लेना-देना नहीं है।”
अंबेडकर जयंती के बहाने लखनऊ में आज सियासी ताकत का प्रदर्शन भी देखने को मिला, जहां हर पार्टी ने बाबा साहब के नाम पर अपनी-अपनी राजनीति को धार देने की कोशिश की।
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