29 Jul 2026
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एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी का नाम : विदेश मंत्रालय ने किया खंडन

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नई दिल्ली : कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संबंध में दो पोस्ट साझा करते हुए इसे “राष्ट्रीय शर्म का विषय” बताया।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि एपस्टीन, जिसे अमेरिका में मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार का दोषी ठहराया जा चुका है, उसने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी सलाह मानी थी। खेड़ा ने कहा कि एपस्टीन ने यह भी लिखा है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए इजराइल में कुछ गतिविधियां की थीं और बाद में संदेश में लिखा गया— “IT WORKED!”

कांग्रेस नेता ने अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) से जुड़ी एक लिंक साझा करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का इस तरह के बदनाम व्यक्ति के कथित संपर्क में होना, उनके फैसलों, पारदर्शिता और कूटनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरकार का जवाब: मनगढ़ंत बातें, पूरी तरह खारिज

एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि जेफ्री एपस्टीन एक घोषित अपराधी है और उसके दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा पूरी तरह आधिकारिक था। ई-मेल में इससे आगे कही गई बातें एक दोषी व्यक्ति की मनगढ़ंत और बेबुनियाद बातें हैं।

खेड़ा ने पीएम से पूछे तीन सवाल

पवन खेड़ा ने कहा कि एपस्टीन की कथित ‘एलीट लोगों की सूची’ सामने आने के बाद दुनियाभर में विवाद चल रहा है और यह मामला भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से तीन सवालों के जवाब देने की मांग की—

  1. प्रधानमंत्री जेफ्री एपस्टीन की सलाह किस उद्देश्य से ले रहे थे?

  2. इजराइल में अमेरिकी राष्ट्रपति को किस लाभ के लिए गतिविधियां की गईं?

  3. संदेश में लिखा गया “IT WORKED!” — आखिर क्या कामयाबी हासिल हुई?

दूसरी पोस्ट में चैट का दावा

अपनी दूसरी पोस्ट में पवन खेड़ा ने 24 मई 2019 की तारीख वाला एक कथित चैट स्क्रीनशॉट साझा किया। इसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरी बार शपथ लेने से पहले एपस्टीन ने डोनाल्ड ट्रंप के करीबी स्टीव बैनन से कहा था कि—

  • उसकी पीएम मोदी के साथ एक “दिलचस्प” बैठक हुई

  • मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन में कोई उनसे बात नहीं करता

  • चीन को भारत का मुख्य दुश्मन और पाकिस्तान को उसका प्रॉक्सी बताया

  • मोदी स्टीव बैनन के विजन से सहमत बताए गए

  • बैनन और मोदी की मुलाकात कराने की बात कही गई

कांग्रेस के और सवाल

इन दावों के आधार पर कांग्रेस ने कई और सवाल उठाए हैं, जिनमें 2019 के चुनावों से पहले एपस्टीन से कथित मुलाकात, अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर किए गए दावों, गलवान संकट के बाद चीन को लेकर सरकार के रुख और स्टीव बैनन से संभावित मुलाकात जैसे मुद्दे शामिल हैं।

पीएम मोदी का इजराइल दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 से 6 जुलाई 2017 तक इजराइल के आधिकारिक दौरे पर गए थे। यह पहली बार था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजराइल की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन से मुलाकात की थी। इस दौरे को भारत-इजराइल संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना गया था।

क्या है जेफ्री एपस्टीन मामला

जेफ्री एपस्टीन केस की शुरुआत 2005 में फ्लोरिडा में एक 14 वर्षीय लड़की से जुड़े आरोपों से हुई थी। जांच के दौरान करीब 50 नाबालिग लड़कियों ने उस पर यौन शोषण के आरोप लगाए। एपस्टीन पर निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ के जरिए लड़कियों की तस्करी और हाई-प्रोफाइल पार्टियों के आरोप लगे।

2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा मिली, जिसमें वह जेल से बाहर काम करने की छूट पा गया। बाद में 2019 में उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन जेल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

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