27 Jul 2026
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अमेरिका का बड़ा फैसला! : रूस-ईरान तेल पर छूट खत्म, भारत पर क्या असर?

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दुनिया की राजनीति और तेल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही छूट को खत्म करने का फैसला किया है। इस फैसले का सीधा असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने साफ कर दिया है कि अब रूसी और ईरानी तेल पर दी जा रही छूट को आगे रिन्यू नहीं किया जाएगा। यह छूट उन तेल खेपों के लिए थी जो 11 मार्च से पहले समुद्र में थीं, लेकिन अब आगे किसी भी देश को यह राहत नहीं मिलेगी।

इससे पहले अमेरिका ने भारत समेत कुछ देशों को 30 दिन की विशेष छूट दी थी, जो 11 अप्रैल को खत्म हो गई।

क्यों दी गई थी छूट?
दरअसल, मार्च में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। ऐसे में वैश्विक सप्लाई बढ़ाने के लिए अमेरिका ने यह अस्थायी छूट दी थी।

भारत पर असर:
भारत, जो अपनी करीब 90% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, उसने हाल के महीनों में रूस से तेल खरीद में भारी बढ़ोतरी की है।
मार्च में भारत ने रूस से करीब 19 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो जून 2023 के बाद सबसे ज्यादा है।

हालांकि अप्रैल में यह आंकड़ा घटकर 15.7 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी है और जल्द ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है।

आगे क्या?
अब जब अमेरिका ने छूट खत्म कर दी है, तो सवाल यह है कि क्या भारत रूस से तेल खरीद जारी रखेगा या उसे नई रणनीति बनानी पड़ेगी। साथ ही, वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस फैसले के बाद तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंध किस दिशा में जाते हैं।

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