Vhuman News / Tue, Jan 20, 2026
उत्तर प्रदेश : संभल से आज एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सिर्फ एक तबादले की खबर नहीं है, बल्कि यह सवाल है न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के राज पर।
संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने हिंसा के दौरान गोली लगने से घायल युवक आलम के मामले में, उसके पिता की याचिका पर बड़ा और साहसिक फैसला लिया था । उन्होंने ASP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

यह याचिका 6 फरवरी 2024 को दाखिल की गई थी। करीब एक साल बाद, 9 जनवरी को कोर्ट ने साफ कहा—
मामला गंभीर है, FIR दर्ज होनी चाहिए। लेकिन इसके बाद क्या हुआ? कानून ने अपना रास्ता पकड़ा या सत्ता ने?
FIR के आदेश के कुछ ही समय बाद, CJM विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया। उन्हें संभल से हटाकर सुल्तानपुर भेज दिया गया और उनकी जगह चंदौसी के सीनियर डिवीजन सिविल जज आदित्य सिंह को नया CJM बना दिया गया।
अब सवाल उठता है—
👉 क्या यह महज़ प्रशासनिक संयोग है?
👉 या फिर यह एक संदेश है कि अगर पुलिस अफसरों पर FIR लिखवाओगे, तो अंजाम भुगतना पड़ेगा?

जिन पुलिस अधिकारियों के नाम FIR में हैं, वे आज भी सिस्टम में सुरक्षित हैं। ASP अनुज चौधरी पहले संभल के CO थे, फिर चंदौसी के CO बने और इसी दौरान उन्हें ASP के पद पर प्रमोशन भी मिल गया।
आज वे फिरोजाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पद पर तैनात हैं। वहीं इंस्पेक्टर अनुज तोमर आज भी चंदौसी कोतवाली के थाना प्रभारी हैं।
यानी—
पुलिस अधिकारी पद पर बने हुए हैं,
लेकिन न्यायिक आदेश देने वाला जज ही हटा दिया गया।
यही नहीं, ASP अनुज चौधरी पहले भी अपने “52 जुम्मे, होली एक” वाले बयान को लेकर देशभर में विवादों में रह चुके हैं। उस बयान पर सवाल उठे, बहस हुई, आलोचना हुई—लेकिन सिस्टम ने कभी उन्हें असहज नहीं किया।

असहज हुआ तो कौन?
न्यायपालिका।
आज संभल का सवाल सिर्फ आलम नाम के एक युवक तक सीमित नहीं है। यह सवाल है—
क्या उत्तर प्रदेश में पुलिस कानून से ऊपर है?
क्या न्यायपालिका दबाव में काम कर रही है?
और क्या सरकार उन अफसरों को बचा रही है, जिन पर गंभीर आरोप हैं?
अगर एक CJM का तबादला, FIR के आदेश के बाद हो सकता है, तो कल कोई और जज ऐसा आदेश देने से पहले क्या डरेगा नहीं?
सरकार को यह साफ करना होगा—
क्या यह कानून का राज है
या फिर वर्दी का?
संभल आज एक जिला नहीं,बल्कि देश की न्याय व्यवस्था का आईना बन चुका है।
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